#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ पंद्रहवी कहानी..

आज की कहानी फिर महाभारत से है.हिन्दू वैदिक सभ्यता में माना जाता है कि मृत्यु का कारण मनुष्य के कर्म होते है. चाहे वो किसी भी कारण इस लोक से जाए…

#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ चौदहवी कहानी.. 

शिव - शक्ति तो अनादि है, शाश्वत है पर लीला वश उन्होंने विवाह भी रचाया था. उनका विवाह एकदम अलग था. जिसमे ब्रह्मा-विष्णु और अन्य देवताओ के साथ, सप्तर्षियों, मुनियो,…

#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ तेरहवी   कहानी..

एक समय की बात है. देवो और दैत्यों के बीच युद्ध हुआ. ये विस्मयकारी युद्ध १०० वर्षो तक चला. उस युद्ध में देवो की सहायता भगवती आदिशक्ति ने गुप्त रूप से…

#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ ग्यारहवीं कहानी..

देवो और दानवो ने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किआ. सबसे पहले हलाहल विष निकला जिसे भगवन शिव ने अपने कंठ में धारण कर लिया. उसके बाद ऐरावत गजराज,…

#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ दसवीं कहानी..

वाद्यों की आवाज जैसे जैसे पास आ रही थी, अयोध्या में हलचल बढ़ रही थी. राजभवन में गतिविधिया तेज़ हो रही थी. हो भी क्यों ना, दूत आकर महारानियो को…

#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ नवीं कहानी..

गांडीव अर्जुन का धनुष माना जाता हैं. पर इसका इतिहास बड़ा रहस्य्मय हैं. यूँ तो महाभारत में बताया गया हैं  खांडवप्रस्थ के दाह के समय ये धनुष अग्निदेव ने वरुण…

#BlogchatterA2Z कथा-कस्तूरी ~ आठवीं कहानी..

शुभस्य शीघ्रम, अशुभस्य कालहरणं.. मतलब शुभ काम को जितना जल्दी हो कर लेना चाहिए और अशुभ को निरंतर टालते रहना चाहिए.. इसी पंक्ति पर दो कहानियाँ हैं. पहली जो बताती…