लॉकडाउन डायरी-समय हमेशा एक सा नहीं रहता 

ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन ने सिर्फ लोगो की ज़िंदगी मे परेशानियां ही बढ़ाई थी. कही परेशानियां कम भी हुई!

लॉकडाउन ने हर किसी को किसी न किसी तरह से बदल दिया. कुछ के लिए ये परेशानी का सबब बना तो कुछ के लिए लॉकडाउन ऐसा समय लेकर आया जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी. मिसेज़ सलूजा के पड़ोस रहने वाली मिस्टर एंड मिसेज़ सिंह की कहानी  भी ऐसी ही है. दोनों ही कामकाजी है और दोनों का ही मिज़ाज़ कुछ गरम सा है. कम से कम आस पास रहने वालो ने यही महसूस किआ था कई सालो में. उनके दोनों बच्चो विदेश में पढ़ रहे हैं और मिस्टर एंड मिसेज़ सिंह लखनऊ में रह कर उनकी पढ़ाई के लिए जी जान से मेहनत कर रहे हैं.

मिस्टर एंड मिसेज़ सिंह कॉलोनी में टॉम एंड जेरी के नाम से मशहूर है. क्यूकी उनको कही भी, कभी भी कहा-सुनी करते देखा जा सकता है. घर के अंदर से तो दोनों की लड़ाइयों की आवाजे मामूली बात थी. पर दोनों कभी सड़क पर बहस करने लगते, कभी किसी दुकान में तो कभी किसी और के घर में भी. मिस्टर सिंह फिर भी थोड़े शांत हो जाते है, पर मिसेज़ सिंह की आवाज दूर दूर तक सुनाई देती है. दोनों को ऑफिस के बाद जो समय मिलता है उसमे वो दोनों एक दूसरे को काफी हद तक नज़र अंदाज़ करने में बिताते हैं. फिर एक दिन अचानक से लॉकडाउन का ऐलान हो गया. दोनों के ही ऑफिस बंद हो गए और उससे बड़ी परेशानी की बात ये हुई कि अब दोनों को सारा समय एक दूसरे के साथ ही बिताना था.

लॉकडाउन के शुरुवाती दिनों में उनके घर के चिल्लाने की आवाजें जब तब आने लगी. कोई नहीं जान सका कि आपस में इतना तनाव और झगड़ा किस बात का था मिस्टर एंड मिसेज़ सिंह के बीच. पर फिर धीरे धीरे वो होने लगा जो किसी जादू से कम नहीं था. सारा दिन की तू तू- मैं मैं से थक कर मिस्टर एंड मिसेज़ सिंह ने अपने अपने शौकों को पूरा करना शुरू किया जिन्हे वो पहले कभी समय न मिल पाने से लगभग भूल चुके थे.

मिसेज़ सिंह को गाने का बड़ा शौक था पर उनकी आवाज घरो में गाए जाने वाले कीर्तन और शादी के गानों पर नहीं जचती थी. इसलिए उन्होंने कभी गाने की कुछ खास कोशिश नहीं की. अब उनके पास समय था इसलिए बेटे के कहने पर उन्होंने स्टार मेकर ऐप्प पर अकाउंट बना लिया. रोज सुबह के नाश्ते के बाद, वो स्टार मेकर ऐप्प पर गाने रिकॉर्ड करती थी. और क्यूकी उनकी आवाज वैसे ही तेज़ थी, कॉलोनी में जल्दी ही पता चल गया सबको कि मिसेज़ सिंह गाना भी गाती है. और जब वो एक कमरे में गाना रिकॉर्ड करती, मिस्टर सिंह दूसरे में पुरानी हिंदी फिल्मो का मज़ा लेते अपने लैपटॉप पर कानो में हैडफ़ोन लगा कर. मिस्टर सिंह को मनोज कुमार पसंद थे इसलिए उन्होंने भारत कुमार की फिल्मे एक एक कर देखनी शुरू की.

मिसेज़ सिंह ने अपने गाने परिवार के व्हाट्सप्प ग्रुप पर भी भेजे जिन्हे सबने खूब सराहा. उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा जब मिस्टर सिंह ने भी ग्रुप पर तारीफ कर डाली उनके गाए गाने की. फिर फेसबुक पर अपनी सहेलियों के रोज नई नई डिश बना कर फोटो डालने देख कर मिसेज़ सिंह के भी कमर कस ली कि वो भी कुछ अच्छा बना कर अब फेसबुक पर शेयर करेंगी. काफी सोचने के बाद उन्होंने एक दिन केक बनाया जो कि अच्छा नहीं बना. हताश सी वो चुपचाप TV देख रही थी तो मिस्टर सिंह ने पूछा ” तुम और इतनी शांत, आज गाना नहीं रिकॉर्ड कर रही क्या..?” इतना सुनते ही मिसेज़ सिंह के आंसू निकल आए. मिस्टर सिंह ने फिर उनसे पूछ कि क्या हुआ जिस पर मिसेज़ सिंह ने केक के बिगड़ जाने की बात बताई. मिस्टर सिंह ने उन्हें ढांढस बढ़ाया और बोला कि अगली बार वो भी उनकी केक बनाने में मदद करेंगे. अब मिस्टर एंड मिसेज़ सिंह के पास कोई कारन नहीं होता था किसी बहस का. दोनों सारा दिन कोई न कोई अपने मन का काम करते रहते और एक दूसरे को सराहते भी.

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लॉकडाउन का समय जहाँ लोगो के लिए बड़ा तनाव से भरा रहा. इस बीच जहाँ कुछ ने ये सीखा है कि अनिश्चितता से कैसे निपटना है और नई चुनौती का सामना कैसे करना है. वही कुछ लोगो में अपने उन शौक को तवज़्ज़ो दी जिन पर वो समय नहीं दे प् रहे थे. ये उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद रहा. सोशल मीडिया ने भी बड़ा अहम् किरदार निभाया लोगो के शौक को ऊचाइयों तक ले जाने में. 

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इस तरह लॉक डाउन में मिस्टर और मिसेज़ सिंह के रिश्ते में काफी सुधार होता चला गया. मिस्टर सिंह ने किताबें भी पढ़नी शुरू की जोकि उन्होंने कभी नहीं किया था पहले. वो एक ऑनलाइन क्लब के मेंबर बन गाए जहाँ लोगो को लॉक डाउन में की जा सकने वाली नई नई चीजों के बारे में बताया जाता था. लॉक डाउन खत्म हुआ और दोनों ने फिर अपने अपने ऑफिस जाना शुरू किआ, पर उनकी कहानी में एक सुखद मोड़ आ चुका था. वो साथ में अब ज्यादा हॅसते थे. और काफी दिनों तक उनके घर से किसी झगड़े की आवाज नहीं आई. कई बार साथ में बिताया समय लोगो के मन के घाव भरने में सबसे कारगर होता है. मिस्टर और मिसेज़ सिंह के साथ वही हुआ.

“I’m taking my blog to the next level with Blogchatter’s My Friend Alexa.”

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